भारत सरकार द्वारा 7 मई 2025 को आयोजित की जा रही युद्धकालीन मॉक ड्रिल राजस्थान के पश्चिमी और संवेदनशील क्षेत्रों में आयोजित की जा रही है। यह अभ्यास खासकर उन शहरों और इलाकों में हो रहा है जो रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं या सीमावर्ती क्षेत्रों के करीब स्थित हैं।
इस मॉक ड्रिल के माध्यम से नागरिकों को यह सिखाया जाएगा कि युद्ध जैसे हालात में कैसे प्रतिक्रिया देनी है, किस तरह से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखना है, और सरकारी दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए सहयोग करना है। साथ ही, इस दौरान महत्वपूर्ण उद्योगों और सार्वजनिक स्थलों पर ब्लैकआउट भी किया जाएगा ताकि वास्तविक हमले की स्थिति में दुश्मन को लक्ष्य साधने में कठिनाई हो।
इस अभ्यास में आपदा प्रबंधन बल, सिविल डिफेंस, पुलिस, स्वास्थ्य सेवाएं और नगर प्रशासन भी सम्मिलित रहेंगे। इसका मुख्य उद्देश्य है – जनता के बीच सतर्कता, तैयारी और सहयोग की भावना को मजबूत करना।
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बूंदी
सीकर
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श्रीगंगानगर
लालगढ़ (श्रीगंगानगर)
सूरतगढ़ (श्रीगंगानगर)
नाल (बीकानेर)
आबू रोड (सिरोही)
नसीराबाद (अजमेर)
भिवाड़ी
फुलेरा (जयपुर ज़िला)
ब्यावर (अजमेर ज़िला)
रावतभाटा (चित्तौड़गढ़ ज़िला)
निर्धारित समय पर सायरन बजाकर हवाई हमले का संकेत दिया जाएगा।
लोगों को यह अभ्यास करना होगा कि अलार्म सुनते ही कैसे सुरक्षित स्थान की ओर जाना है।
महत्वपूर्ण उद्योग, रेलवे स्टेशन, अस्पताल, बिजली घर, सरकारी कार्यालय आदि में बिजली बंद की जाएगी।
नागरिकों को रात के समय बिना रोशनी या ढंकी हुई रोशनी का उपयोग करने की सलाह दी जाएगी।
प्रशासन द्वारा चिह्नित "सुरक्षित क्षेत्र" की ओर लोगों को स्थलांतरित किया जाएगा।
वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और बच्चों के लिए विशेष सहायता दल तैनात होंगे।
नागरिकों को सिखाया जाएगा कि कैसे नीचे झुककर, सिर ढककर या दीवार के पास छिपकर हमले से बचाव करें।
"ड्रॉप, कवर एंड होल्ड" जैसी तकनीकों का अभ्यास कराया जाएगा।
पुलिस, फायर ब्रिगेड, एंबुलेंस और सिविल डिफेंस टीमें मुस्तैद रहेंगी।
उन्हें तत्काल प्रतिक्रिया देने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया जाएगा।
लाउडस्पीकर, रेडियो और मोबाइल अलर्ट सिस्टम के माध्यम से जनता को निर्देशित किया जाएगा।
यह देखा जाएगा कि सूचना कितनी जल्दी और प्रभावी ढंग से नागरिकों तक पहुंचती है।
घबराएं नहीं – यह सिर्फ एक अभ्यास है।
प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करें।
निर्धारित समय पर अपने क्षेत्र के नोडल अधिकारी या वालंटियर से संपर्क में रहें।
अभ्यास के दौरान अपने पड़ोसियों, बुजुर्गों और जरूरतमंदों की मदद करें।